सोनभद्र मे रह रहा एशिया कप विजेता क्रिकेट खिलाड़ी मिट्टी की झोपड़ी में रहने को विवश

सोनभद्र सोनभद्र के अनपरा निवासी लव वर्मा जो भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके हैं जिन्होंने 2015 में भारत को दिव्यांग एशिया कप विजेता बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी आज वे रोजगार की तलाश के साथ साथ वे मिट्टी की झोपड़ी में रहने को विवश है। आवास के लिये जिलाधिकारी महोदय से भी गुहार लगाई लेकिन जिलाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमीन स्वयं की होनी चाहिये । लव वर्मा पिछले 9 वर्षों से रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं लगभग 1 वर्षों से अब मिट्टी की झोपड़ी में रहने को विवश हैं, अनपरा में रहकर छोटे बच्चों को क्रिकेट प्रशिक्षण देकर बड़ी बमुश्किल गुजारा करते है। पहले किराए के मकान में रहते थे किंतु किराया ज्यादा बढ़ जाने के कारण उन्हें किराए का आवास छोड़ना पड़ा, लव के पिता बाबू लाल वर्मा अनपरा तापीय परियोजना से 2021 में सेवानिवृत्त हो अपने पैतृक आवास चले गए उसके बाद 2022 तक किराए के मकान में रहने के बाद 2023 से मिट्टी की झोपड़ी में रहने को विवश होना पड़ा इसके लिए नगर पंचायत से भी गुहार लगाया किंतु प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमीन न होने का हवाला दिया गया । इसके बाद भी कुछ लोगों से मदद मांगी आवास के लिए लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला । लव वर्मा बताते हैं कि उनकी स्थिति बहुत दयनीय हो गयी है कभी कभी उन्हें भूखा तक सोना पड़ता है पहले रोजगार के लिए भटकते भटकते 9 वर्ष हो गए फिर अब लगभग डेढ़ वर्षों से आवास के लिए भी गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई नहीं सुनने वाला अब लगता है कि कहीं अब 1 वक्त रोटी के लिए भी गुहार न लगाना पड़े। लव वर्मा ने अब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मदद का गुहार किया है।
2014 में श्रीलंका दौरे पर अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट मैच में श्रीलंका की धरती पर श्रीलंका के खिलाफ पहले ही डेब्यू मैच में 4 ओवरों में 12 रन देकर 5 विकेट लेकर मैन ऑफ दी मैच सहित मैन ऑफ दी सीरीज जीत के साथ शुरू हुई,
2015 में भारत में 5 देशों ( भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, पाकिस्तान से संबंध सही न होने के कारण नहीं शामिल रहा ) का दिव्यांग एशिया कप विजेता बनाने में प्रमुख भूमिका अदा की, 2017 बांग्लादेश दौरे पर ट्राई सीरीज में संयुक्त विजेता, 2019 में नेपाल के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए 131 रनों से विजयी कराया ।अप्रैल 2021 में दुबई के शारजाह में दिव्यांग प्रीमीयर लीग आयोजित में कोलकाता का उपकप्तान होते हुए उपविजेता ( गुजरात के खिलाफ मैन ऑफ दी मैच ) रहा, 2022 में नेपाल दौरे, बांग्लादेश के साथ सीरीज, 2023 में श्रीलंका सीरीज एवं दिसम्बर में नेपाल के साथ टेस्ट सीरीज में विजेता सहित 14 अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता में प्रतिभाग करके अपने प्रदर्शन से देश को जीत दिलाई ।
3 दिसम्बर 2021 को विश्व दिव्यांग दिवस पर उत्तर प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी का राज्य पुरस्कार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा दिया गया । दर्जनों पुरस्कार जैसे एनसीएल द्वारा 2015, 2022 में पुरस्कृत, जिलाधिकारी द्वारा 2015 में पुरस्कृत, दिव्यांग रत्न, स्वर्ण भारत खेल रत्न, सोनभद्र खेल रत्न, कुशीनगर गौरव सम्मान एवं 2024 में निर्वाचन लोकसभा में मतदाता जागरूकता अभियान के स्वीप दिव्यांग आइकॉन भी बनाये गए हैं । अनपरा में रहकर अब तक लगभग 110 मैचों का आयोजन करवा चुके है जिसमें भदोही, आजमगढ़, आगरा, प्रतापगढ़, रांची, पटना आदि के साथ अनपरा के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया एवं त्रिदिवसीय डबल इंनिंग्स टेस्ट मैच, 50 ओवरों के मैच का आयोजन करवा चुके हैं । लव वर्मा ने रोजगार के लिए केंद्रीय खेलमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, खेलमंत्री, समाजकल्याण मंत्री, सांसद, विधायक एवं पूर्व मंत्रियों से तक गुहार लगा चुके हैं । 2022 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करने पर राज्यपाल द्वारा भी आश्वासन दिया गया था । प्रदेश सरकार एक तरफ जहां सामान्य खिलाड़ियों के लिए तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के साथ आर्थिक सहयोग एवं सीधी नियुक्ति से रोजगार देकर पीठ थपथपाने में लगी हुई है वहीं दूसरी तरफ 9 वर्षों से रोजगार के लिए भटक रहे अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर को रोजगार तो दूर उन्हें मिट्टी के झोपड़ी में रहने के लिए विवश रहना पड़ रहा है।
अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने अब तक कोई सुध नहीं ली, अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर लव वर्मा ने अब राष्ट्रपति को पत्र लिखकर गुहार लगाई है ।



