होमगार्ड के बेटे कांस्टेबल खुर्शीद ने किया कमाल आउटडोर टापर दरोगा बन पिता को दिया सलामी
होमगार्ड के बेटे कांस्टेबल खुर्शीद ने किया कमाल आउटडोर टापर दरोगा बन पिता को दिया सलामी।

“कौन कहता है के आसमां मे सुराख नही हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो” जी हा दुष्यंत कुमार की ये लाइन बिलकुल सटीक बैठती है फतेहपुर जिले गांव बरेठन खुर्द निवासी खुर्शीद आलम पे। मुरादाबाद अकादमी में आउटडोर टापर चुने गये खुर्शीद आलम फतेहपुर जिले गांव बरेठन खुर्द निवासी है। उनके पिता रमजान आलम होमगार्ड है। पासिंग आउट परेड के बाद खुर्शीद ने होमगार्ड पिता को सलामी दिया। यह उनके पिता का अविस्मरणीय पल था। इससे पहले खुर्शीद आलम 2017 में सीआरपीएफ मे चयन हुआ था। 2019 में यूपी पुलिस के कांस्टेबल बने। खुर्शीद आलम के पासिंग आउट परेड के दौरान उनके पिता रमजान और भाई रिजवान भी मौजूद थे।
खुर्शीद ने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरे अब्बू अम्मी ने आत्मविश्वास बढ़ाया जिससे उनका सपना साकार किया। उन्होंने कहा के सफलता का एक मात्र मूलमंत्र है कठिन मेहनत हमें अपने टारगेट से नहीं भटकना चाहिये। खुर्शीद आलम ने कहा कि मेरे अब्बू अम्मी ने ना केवल मानसिक रूप से तैयार किया बल्कि हर कदम पर मेरा सपोर्ट भी किया। अंत मे उन्होंने कहा
“बुलंदियों का बड़े से बड़ा निशान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ”



