शिल्पी गांव के कूप जगत घोटाले में डीएम ने सचिव प्रधान से रिकवरी व कड़ी कार्यवाही का दिया निर्दश-सावित्री देवी

चोपन /सोनभद्र (अरविंद गुप्ता)
जेई ने दिया लिखित पत्र बताया तकनिकी सहायक द्वारा फर्जी हस्ताक्षर द्वारा एमबी हुई मामले में जाँच हेतु निर्देश
सोनभद्र।जनपद सोनभद्र में पंचायत विभाग में भ्रष्टाचार लगातार उजागर होता रहा हैं प्रदेश के मुख्यमंत्री के लाख भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के लाख दावे करने के बाद भी अधिकारी जिला लूटने में मस्त हैं उनको किसी का डर नहीं हैं। महिला सुरक्षा एवं जन सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष सावित्री देवी द्वारा
16.11.2022 को ग्राम पंचायत-शिल्पी, विकास खण्ड – चोपन, जनपद – सोनभद्र द्वारा की गयी शिकायत “कूप जगत निर्माण का फर्जी कार्य दर्शाकर मनरेगा धनराशि का गबन किये जाने की शिकायत जिलाधिकारी सोनभद्र को किया गया था जिसकी पहली जाँच शेष नाथ चौहान उपायुक्त श्रम रोजगार द्वारा किया गया जिसमे उन्होंने अपनी आख्या में बताया की सभी कूपों के जगत मरम्मत के पूर्व के फोटोग्राफ पत्रावली में संलग्न नहीं पाया गया। कूप के प्राक्कलन पर रू0 5000 – / की दर से साइन बोर्ड एवं फोटोग्राफी का प्राविधान प्राक्कलन में किया गया है, किन्तु किसी भी कूप स्थल पर साइन बोर्ड लगा नहीं पाया गया और. न ही भुगतान किया गया है।स्थलीय निरीक्षण एवं पत्रावली के अवलोकनोपरान्त पाया गया कि उक्त सभी 5 कूप का निर्माण लगभग 15 वर्ष पूर्व हुआ था । उक्त निर्मित कूपों पर नये कूप जगत का प्राक्कलन बनाकर पुराने बने कूप जगत का लघु मरम्मत एवं प्लास्टर कार्य कराकर शासकीय धनराशि का

दुरूपयोग किया गया है, जिसके लिए संबंधित अवर अभियंता, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान उत्तरदायी है।इसके बाद पुनः जिलाधिकारी सोनभद्र के निर्देश में कमेटी गठित किया गया जिला विकास अधिकारी सोनभद्र एवं सहायक अभियन्ता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण सोनभद्र से कराये जाने पर पाया गया कि ग्राम पंचायत में क्रमशः 1- हरिशचन्द्र के घर के पास कूप जगत निर्माण, 2- बड़क पुत्र हिच्छा के घर के पास कूप जगत निर्माण, 3 – बाबा पुत्र समई के घर के पास कूप मरम्मत व जगत निर्माण, 4- गल्होरन के घर के पास कूप जगत निर्माण एवं 5- देवराजी पत्नी विश्वनाथ के घर के पास कूप मरम्मत व जगत निर्माण का कार्य वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य वित्त / 15वां वित्त आयोग के

अन्तर्गत तैयार किये गये प्राक्कलन, स्टीमेट के अनुसार वित्तीय स्वीकृति प्राप्त किये जाने के पश्चात् ग्राम पंचायत के द्वारा कार्य कराकर कार्य की एम0बी0 के पश्चात् श्रमांश एवं सामग्री पर कुल रू0 103481.00 का अधिक भुगतान पाये जाने के लिये सम्बन्धित प्रधान श्री बबुन्दर, ग्राम पंचायत सचिव श्री सुरेश कुमार सिंह एवं श्री विनोद कुमार सिंह, अवर अभियन्ता, लघु सिंचाई को समान रूप से दोषी पाये जाने पर कार्यालय पत्र संख्या-4306 / पं0-7 / शिकायत / जांच / 2022-23, दिनांक- 29.03.2023 द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करते हुये 15 दिवस के भीतर उत्तर / स्पष्टीकरण प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया, किन्तु समयान्तर्गत उत्तर / स्पष्टीकरण प्रस्तुत न किये जाने पर पुनः कार्यालय पत्र संख्या – 224, दिनांक – 20.04.2023 द्वारा पुनः अन्तिम नोटिस जारी किये जाने के पश्चात् श्री विनोद कुमार सिंह, अवर अभियन्ता, लघु सिंचाईं द्वारा दिनांक – 16.05.2023 को प्रस्तुत करते हुये अवगत कराया गया है कि “उक्त सभी 05 कूपों के मरम्मत/ निर्माण कार्य हेतु केवल तकनीकी स्वीकृति दिया गया है।इसका प्राक्कलन मेरे द्वारा नही बनाया गया है और न ही संदर्भित प्रकरण का मापी व भुगतान कराया गया है। उक्त कार्य का किसी तकनीकी सहायक द्वारा मापी कर फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान कराया गया है। उक्त के अतिरिक्त यह भी अवगत कराया गया है कि उक्त सभी 05 कार्यों के माप पुस्तिका में की गयी मापी का हैण्डराइटिंग का सत्यापन किसी अन्य ग्राम पंचायत में अथवा सम्बन्धित ग्राम पंचायत में पूर्व में मनरेगा / वित्त के कार्यों के भुगतान हेतु की गयी मापी को मापी पुस्तिका से तुलना कर किया जा सकता है। विकास खण्ड-चोपन में कई बार फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मनरेगा / वित्त के कार्यों का भुगतान करने की कोशिश की गयी है, जिसे पकड़ में आने पर पत्रावली चेंज किया गया हैं। श्री सुरेश कुमार सिंह, सचिव / ग्राम विकास अधिकारी द्वारा प्रस्तुत उत्तर / स्पष्टीकरण दिनांक – 12.05.2023 स्वीकार किये जाने योग्य मिला।क्योंकि जांच अधिकारी जिला विकास अधिकारी एवं सहायक अभियन्ता, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, सोनभद्र द्वारा उपरोक्त कार्यों के मरम्मत हेतु तैयार किये गये स्टीमेट तकनीकी स्वीकृति एवं कार्य पूर्ण होने के पश्चात् एम०बी० के आधार पर जांच कार्यवाही पूर्ण की गयी है, जिसमें रू0 103481.00 का कार्य के सापेक्ष अधिक भुगतान किया जाना पाया गया है। उक्त के अतिरिक्त जॉच के समय सचिव द्वारा प्रस्तुत अभिलेख भी अधूरे पाये गये जिस पर तिथिवार भुगतान आदि के सम्बन्ध में कोई अंकन नही किया गया था। जिसके लिए श्री सुरेश कुमार सिंह, सचिव / ग्राम विकास अधिकारी पूर्ण रूप से दोषी पाये गये है। जिसके लिए निर्देशित किया गया कि उपरोक्त पांचों कूप के निर्माण पर अनियमित ढंग अधिक भुगतान की गयी धनराशि रू0 103481.00 का 50 प्रतिशत अर्थात रू0 51740.50 की वसूली श्री सुरेश कुमार सिंह, सचिव / ग्राम विकास अधिकारी से करते हुए ग्राम पंचायत कोष में जमा कराये साथ श्री सुरेश कुमार सिंह, ग्राम विकास अधिकारी द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं प्रधान के साथ दुरभिसन्धि करके शासकीय धनराशि दुरूपयोग किये जाने के आरोपों में कठोर विभागीय/अनुशासनिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिया।
सावित्री देवी ने कहा की मामले में शिकायत पत्र डीसी मनरेगा की पहली जाँच रिपोर्ट, डीएम द्वारा गठित टीम की जाँच रिपोर्ट भिन्न सभी रिपोर्ट संदेह के घेरे में इस मामले में सभी अभिलेख के साथ माननीय उच्च न्यायालय ईलाहाबाद के शरण में जाकर भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही की गुहार लगाया जायेगा इस मामले में 6 माह तक जाँच अधिकारीयों द्वारा मामले को दबा के रखा अंतिम में कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया।




