विजय विनीत के स्वागत पत्र ने भाजपा में मचाई खलबली

सोनभद्र सोनभद्र जिले में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन था। इस मौके पर तमाम लोगों ने अगवानी व स्वागत के लिए बड़े बड़े होर्डिंग व बैनर बनवा रखे थे वहीं जनपद के जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार विजय विनीत ने सोशल मिडिया पर स्वागत में पत्र लिख कर भाजपा खेमे में खलबली मचा दी हर जगह उनके पत्र की चर्चा रही। उन्होंने लिखा की
गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर सनातन संस्कृति के रक्षक हिंदुओं की आन बान शान महाराज योगी आदित्यनाथ जी जनपद सोनभद्र में आपका स्वागत है
जनपद सोनभद्र में स्थित ब्रह्मपुत्र महानद सोन आपकी अगवानी के लिए आतुर है उसकी लहरें आपके चरणों को छूना चाहती हैं लेकिन वह जंजीरों में जकड़ा हुआ है उसकी लहरों को खनन माफियाओं ने बांध रखा है महानद की धारा को अवरोधित कर माफिया अपनी तिजोरी भरने में व्यस्त हैं और जिन्हे इसके निगरानी की जिम्मेदारी आपने दे रखी है वह भी आंखें बंद किए हुए हैं
इसी तरह रेणु बिजुल कनहर पांगन लउवा पांडव नदिया भी खनन माफियाओं के बंधन में छटपटा रहीं हैं
सबसे प्राचीन नदी घाटी सभ्यता की जननी पूरब से पश्चिम की तरफ गतिशील मानव सभ्यता की कहानी कहने वाली बेलन नदी को कुछ लोगों ने खेतो में कैद कर रखा है.
यहां के पर्यावरण जीव जंतुओं को क्षति पहुंचा कर तमामलोग समाजसेवी का बैनर होर्डिंग लगाकर आपकी अगवानी कर रहे हैं
बनने के साथ ही जिस तरह यहां की सड़के उखड़ जा रही हैं उसी तरह उखड़ती सांसो के बीच यहां का गरीब आपके आगमन पर आपका स्वागत करता है
जिस तरह जनपद में पानी के लिए पानी की तरह पैसा बहाकर कागजों पर प्रगति दिखाई जा रही है उसके बावजूद भी सूखी बंधिया सूखे ताल सूखे हुए तालाब की तरह पानी से बेहाल लोग सूखे हुए शरीर वह मुरझाए हुए चेहरे लेकर आपका स्वागत करते हैं
सरकारी तिकडमों से वनाधिकार कानून से वंचित आदिवासी वनवासी समुदाय आपका स्वागत करता है
बेखौफ फल फूल रहे पशु तस्करी और लव जिहाद की शिकार होते इस जनपद के लोग आपका स्वागत करते हैं
हताशा कुंठा से ग्रसित भविष्य के प्रति लापरवाह सड़कों पर खाक छानती इस जनपद की युवा पीढ़ी आपका स्वागत करती है
बगैर नंबर प्लेट व वगैर परमिट के चलने वाली गाड़ियों के मालिक आज के दिन समाजसेवी के रूप में आपका स्वागत करते हैं
हमारे जैसे हजारों लोग जो बोल नहीं पाते उनकी दबी जुबान से शब्दों को लेकर हम आपका स्वागत करते हैं
मुझे मालूम है की हमारे यह शब्द कुछ लोगों को चुभेगें लेकिन यदि सच न कहा जाय तो जीवन अपराध बोध से ग्रसित लगता है
हम आपके साथ थे साथ हैं लेकिन दिन को दिन और रात को रात कहेंगे जो सच है वह सच है
विजय विनीत
अध्यक्ष इंडियन फेडरेशन वर्किंग जर्नालिस्ट यूनियन



