भागवत कथा से होगी देश व समाज की स्थापना आचार्य श्री परमपूज्य श्री हरिदास जी महाराज

पन्नूगंज/सोनभद्र (अरविंद गुप्ता) चतरा विकास खण्ड के ग्राम ऐलाई रैया मे चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पाचवे दिन हरिद्वार से पधारे पूज्य कथा व्यास आचार्य श्री श्री 108 परम पूज्य श्री हरिदास जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं को भागवत माहात्म्य की कथा सुनाते हुए मंत्र मुग्ध कर दिया।महाराज जी ने बताया कि भागवत कथा के माध्यम से समाज को कैसे एकजुटता के सूत्र में पिरोया जा सकता है। आज के समाज की सबसे बड़ी ज़रूरत सामूहिक भोजन की है।जबसे हमारे भोजन की थाली भोजनालय से शयन कक्ष में जाने लगी तभी से सामाजिक और पारिवारिक दूरी आपसी भाईचारा समाप्त होने लगा है। महाराज ने कहा मास,मछली नही खाना चाहिए जो खाता है वो मनुष्य नही राछस है ओलोग आज पूरा कथा पण्डाल महाराज जी को सुनने के लिए भक्तों और मातृशक्तिओं से

खचाखच भरा हुआ था। कथा व्यास ने क्षेत्र वासियों से आपसी मतभेद को भुलाकर भगवान की पावन कथा के लिए व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर कथा में सम्मिलित होने का आह्वान किया।आज की कथा में विशेष रूप से मुख्य जजमान पवन कुमार मिश्र (अनिल मिश्र) ग्राम प्रधान ऐलाई (रैया) , एवम् पत्नि के साथ निलम मिश्रा, विनोद कुमार मिश्रा,कोआपरेटिव अध्यक्ष,धनंजय देव पांडेय,अशोक कुमार मिश्र,संजय कुमार मिश्र,राकेश कुमार मिश्र,अमित कुमार मिश्र,शनी मिश्र,सुनील कुमार मिश्र,मंगला प्रसाद मिश्र,रमेश मिश्र,सुरेश मिश्र,ओम प्रकाश शर्मा,सूरज कुमार शर्मा,तथा क्षेत्र के कई गणमान्य भक्तजन उपस्थित रहे।




