निगम के स्कूलों के निजीकरण का फैसला रद्द हो
युवा मंच ने सीएम को ट्वीट कर की मांग
ओबरा-सोनभद्र। युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर उत्पादन निगम के स्कूलों को लगभग मुफ्त में लीज पर निजी संस्था को सौंपे जाने के औचित्य पर सवाल खड़ा करते हुए तत्काल निजी संस्था को सौंपे जाने के इस फैसले को रद्द करने की मांग की है। उनके संज्ञान में यह भी लाया गया है कि ओबरा में स्कूल के छात्रों द्वारा इस जनविरोधी फैसले के विरुद्ध बेमियादी धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। गौरतलब है कि कारपोरेट सोशल रिसपांसबिलिटी (सीएसआर ) के तहत इन स्कूलों का संचालन किया जा रहा था आज सरकार अपने इस दायित्व से पल्ला झाड़ रही है। दरअसल स्थिति तो यह है कि शिक्षा सुनिश्चित करने का जो संवैधानिक दायित्व राज्य व सरकार का है उससे ही इंकार किया जा रहा है और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के निजीकरण पर सरकार आमादा है जिस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।
युवा मंच द्वारा प्रेस को जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला सरकारी संपत्ति व संसाधनों को निजी हाथों के हवाले करना है। पूरे बिजली महकमे में ही इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। पूरे डिस्कॉम को लगभग मुफ्त में ही इसी तरह कारपोरेट कंपनियों को हैंड ओवर करने की कवायद जारी है। युवा मंच छात्रों द्वारा लगाये जा रहे इन आरोपों ने पूरी तरह से सहमत है कि निजीकरण से आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में सर्वाधिक खामियाजा गरीब बच्चों को भुगतना पड़ेगा।



