भौरों के हमले में छात्रा गंभीर, अस्पताल में भर्ती

रामनगीना फार्मेसी कालेज प्रबंधन की लापरवाही, घायल छात्रा का नही लिया संज्ञान
दुद्धी, सोनभद्र। रामनगीना फार्मेसी कालेज मझौली में अध्ययनरत छात्रा कृति अग्रहरि भौरों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गयी। कालेज प्रबंधन की लापरवाही से घायलावस्था में पैदल चलकर हॉस्पिटल पहुंची छात्रा का इलाज जारी था।
घटना के बाबत पीड़ित छात्रा कृति ने बताया कि शाम करीब 3.55 बजे हम सभी विद्यार्थी कालेज के गेट से निकल रहे थे, तभी गेट के ऊपर छत्ता लगाये भौरों ने अचानक मुझ पर हमला कर दिया। इससे भगदड़ मच गई, सारे भौरें मुझपर लिपटकर, डंक मारने लगे। मैं चीखती चिल्लाती कालेज के मेन गेट के बाहर की ओर भागी। कालेज के बाहर रहने वाले एक ग्रामीण अंकल ने अपने घर में मुझे कम्बल ओढ़ाकर पनाह दी तो जान बची। तब तक भौंरों के हमले से मैं पूरी तरह घायल हो गयी थी। इतनी बड़ी घटना के बावजूद कालेज प्रबंधन ने मेरी कोई खोज खबर नही ली और बस भी मुझे छोड़कर निकल गयी। किसी तरह घर वालों को खबर की और वहां से पैदल चलकर दुद्धी सीएचसी पहुंची। उसका इलाज कर रहे सीएचसी अधीक्षक डॉ शाह आलम ने बताया कि
भौरों के विषैले डंक का असर है। दवा इंजेक्शन लग चुका है, कुछ देर में राहत मिल जायेगी। खबर लिखे जाने छात्रा की हालत स्थिर बनी थी। फिलहाल डॉक्टर के मुताबिक छात्रा की स्थिति में सुधार हो जाएगी, मगर इतनी बड़ी लापरवाही कालेज प्रबंधन कैसे कर सकता है। कालेज परिसर में छात्रा पर भौरों का हमला होता है, न तो किसी ने उसका संज्ञान लिया और न ही उपचार की कोई व्यवस्था हुई। इन सब लापरवाही के बावजूद बस स्टाफ ने भी छात्रा की खोज खबर नही ली और उसे उसकी हालत पर छोड़ दिया। यदि ग्रामीण उसकी मदद नही करते तो उसका क्या होता ? कालेज प्रबंधन की इस घोर लापरवाही से अभिभावकों में काफी आक्रोश है।



