नगर पालिका से खसरा अभिलेख गायब होने के मामले में सपा नेता अविनाश कुशवाहा गरजे बोले आखिर 8 साल से किसे बचाया जा रहा है?
सोनभद्र (विकास द्विवेदी) समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने नगर पालिका से खसरा अभिलेख गायब होने के बहुचर्चित मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए है। उन्होने कहा कि वर्ष 2018 में इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद लगभग आठ वर्ष बीत जाने पर भी जांच का परिणाम सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने जारी बयान में कहा कि नगर पालिका से खसरा जैसे महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख का गायब होना सामान्य घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता का उदाहरण है। उन्होंने सवाल किया कि यदि पुलिस जांच पूरी कर चुकी है तो क्लोजर रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए और यदि जांच अभी भी लंबित है तो इसकी स्पष्ट वजह बताई जाए। उन्होंने कहा कि सोनभद्र जनपद पहले भी भूमि विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। उम्भा जैसी दर्दनाक घटना पूरे प्रदेश ने देखी है और आज भी तहसील दिवसों में सबसे अधिक शिकायतें जमीन और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में खसरा अभिलेख का गायब होना आम नागरिकों के अधिकारों और सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अविनाश कुशवाहा ने मांग की कि यदि जांच लंबित है तो उसकी समय-सीमा निर्धारित कर निष्पक्ष जांच पूरी की जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक मामले का निष्कर्ष सामने न आना प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है।सपा नेता ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि आखिर आठ वर्षों से जांच में देरी क्यों हो रही है, इसके लिए जिम्मेदार कौन है और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रत्येक नागरिक का अधिकार है तथा प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।



