सोनभद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, मांगें न मानी गईं तो 8 मार्च को लखनऊ में कलम बंद हड़ताल की चेतावनी
सोनभद्र (विकास द्विवेदी) आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट प्रांगण, सोनभद्र में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगें कई दशकों से लंबित हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार उनसे नियमित कर्मचारियों की तरह काम तो लेती है, लेकिन बदले में न तो अधिकार देती है और न ही सुविधाएं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि अब तक उन्हें भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता, सवेतन मेडिकल अवकाश सहित कोई भी वैधानिक लाभ नहीं दिया गया है। उत्तर प्रदेश में सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष किए जाने तथा कोरोना काल से अब तक सेवानिवृत्त हुई सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ देने की भी प्रमुख मांग उठाई गई।
इसके साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से ऑनलाइन कार्य के लिए 5G मोबाइल फोन, रिचार्ज और डेटा खर्च हेतु अतिरिक्त धनराशि दिए जाने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो पोषण ट्रैकर समेत समस्त ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो प्रदेश की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 8 मार्च 2026 को लखनऊ में कलम बंद हड़ताल करने को मजबूर होंगी। प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वे वर्षों से सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम कर रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें उपेक्षा और अनदेखी ही मिली है।



