बिजली संकट गहराया: रोस्टिंग और टाइम टेबल खत्म, ग्रामीण बेहाल

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
पिपरी से कुंडाडीह,नधिरा,बभनी,बीजपुर उपकेंद्र को आने वाली 33 केवीए बिजली सप्लाई एक पखवाड़े से ध्वस्त चल रही है।बताया जाता है कि 33 केवीए के तार पोल उपकरण जर्जर अवस्था मे पहुँच कर कबाड़ में तब्दील हो चुका है।पिपरी से चारो उपकेन्द्रों तक आयी 33 केवीए की लाइन एक पखवाड़े से जर्जर अवस्था मे खराब हो कर बंद पड़ी है इस लिए एक लाख ग्रामीणों के सामने बिजली को लेकर भारी आक्रोश ब्याप्त है।आरोप है कि दिनप्रतिदिन बिजली सप्लाई में सुधार की बजाय और स्थिति गम्भीर होती जा रही है और जानकारी लेने पर अधिकारी बोलते हैं कि 132/33 निर्माधिन किरविल सब स्टेशन जब तक नही चालू होगा तब तक यही हाल रहेगा।अब ऐसी स्थिति में क्या पता कि दो वर्ष में तैयार होने वाला किरविल सब स्टेशन जब 5 साल में भी बन कर तैयार नही हुआ तो कब तक अब चालू होगा यह भगवान ही जानते होंगे।बताया गया कि म्योरपुर और बभनी ब्लाक में स्थापित उक्त चारो उपकेंद्र से पोषित लगभग एक लाख की आबादी एक पखवाड़े से बिजली के लिए हाहाकार मचा है।गाँवो में शाम होते ही अंधेरा पसर जा रहा है तो पेयजल की किल्लत से जनजीवन प्रभावित पहै बच्चो की पढ़ाई लिखाई परीक्षा की तैयारी सब कुछ बिजली वितरण निगम की भेंट चढ़ चुकी है बच्चों बुजुर्गो की दिनचर्या बर्बाद है।अब न तो रोस्टिंग बचा है और नही कोई टाइम टेबल बिजली कब आएगी कब जाएगी यह किसी को पता नही है।सूत्रों पर विश्वास करें तो जलकल फीडर में टेपिंग कर आपूर्ति का प्रयास किया जाता है लेकिन ओवरलोड के कारण वह भी ट्रिप कर रही है।ऐसी स्थिति में एक एक घण्टा के लिए सप्लाई से ग्रामीण गुजारा करने को मजबूर हैं।एसडीओ शिवम गुप्ता ने कहा हमलोग अब आजिज आ गए हैं।जब तक किरविल चालू नही होगा यही हालत रहेगी।


