राष्ट्रीय लोक अदालत में 94,693 मामलों का निस्तारण, 291.46 करोड़ रुपये की समाधान राशि
सोनभद्र (विकास द्विवेदी) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वाद निस्तारण का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश एवं जनपद न्यायाधीश श्री रामसुलीन सिंह, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के निर्देशानुसार 13 दिसंबर 2025 को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ प्रशासनिक न्यायाधीश सोनभद्र माननीय न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला ने किया।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत हम सभी के लिए राष्ट्रीय पर्व के समान है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक वादकारियों को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं बैंक प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन करते हुए मामलों के अधिकाधिक निस्तारण का आह्वान किया। न्यायमूर्ति ने न्यायालयों व बैंकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, विद्युत व जल बिल, सेवा संबंधी, राजस्व वाद, अन्य दीवानी वादों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालयों द्वारा कुल 3,870 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 6 करोड़ 52 लाख 85 हजार 844 रुपये की जुर्माना एवं समाधान धनराशि प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त राजस्व न्यायालयों, अन्य विभागों एवं प्री-लिटिगेशन के 90,316 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 18 करोड़ 55 लाख 43 हजार 211 रुपये की समाधान राशि रही। वहीं निजी व सार्वजनिक बैंकों के 507 मामलों का निस्तारण कर 4 करोड़ 06 लाख 32 हजार 522 रुपये की समाधान धनराशि प्राप्त हुई।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 94,693 मामलों का अंतिम रूप से निस्तारण हुआ, जिसकी कुल समाधान धनराशि 29 करोड़ 14 लाख 61 हजार 577 रुपये रही।
इसके अतिरिक्त 10, 11 एवं 12 दिसंबर 2025 को आयोजित विशेष लोक अदालत (लघु अपराध) में 65 मामलों का निस्तारण किया गया। यह जानकारी अपर जनपद न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेन्द्र यादव ने दी।



