सोनभद्र में डिम्पल बनी एक दिन की बीएसए बोली छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य से किसी तरह का नहीं होना चाहिए समझौता

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) सोनभद्र में महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे ‘मिशन शक्ति फेज-5’ अभियान के तहत गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज की कक्षा छह की छात्रा डिम्पल चौहान को एक दिन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बीएसए के रूप में डिम्पल ने स्कूलों में साफ-सफाई, मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिक्षा, सरकारी सुविधाएँ और स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
डिम्पल ने डीसी एमडीएम रमेश चौरसिया को निर्देश दिए कि एमडीएम में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मीनू के अनुसार प्रत्येक दिन छात्र-छात्राओं को एमडीएम मिलना चाहिए। एमडीएम डीसी को रसोइया मानदेय समय पर भेजने का निर्देश भी दिया गया। उन्होंने कार्यालय स्टाफ को पारदर्शिता और टीमवर्क की महत्ता पर जोर दिया। डिम्पल ने कहा कि एक दिन का बीएसए बनना उनके लिए बहुत खुशी का अवसर था। उन्होंने बताया कि अब वह मेहनत और लगन से पढ़ाई करेंगी और एक दिन बड़ा अधिकारी बनने का सपना पूरा करेंगी। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बीएसए कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने छात्रा डिम्पल का उत्साहवर्धन किया।


