विंडमगंज की बिटिया ने किया कमाल, साउथ कोरिया से बोन कैंसर पर की पीएचडी
विंडमगंज/सोनभद्र (सुमन गुप्ता) मनोज जायसवाल की पुत्री डाक्टर एम श्रृया जायसवाल ने चिकित्सा के क्षेत्र में अपना नाम रोशन किया है, साउथ कोरिया के पुषान यूनिवर्सिटी से बोन कैंसर पर अपना पीएचडी पूरा किया है विंढमगंज की बेटी कि इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों में काफी हर्ष है। डॉ एम श्रृया जायसवाल विंढमगंज के प्रतिष्ठित स्व भगवान दास जायसवाल की पोती हैं बाबू भगवान दास जायसवाल इस इलाके के सबसे प्रतिष्ठित समाजसेवी थे भारती इंटर कॉलेज और डीसीएफ दूध्दि एवं क्रय विक्रय समिति के संस्थापक सदस्यों में रहे बाबू भगवान दास जायसवाल का पूरा परिवार काफी शिक्षित एवं संपन्न रहा है। डॉ एम श्रृया जायसवाल के पिता मनोज कुमार जायसवाल सिविल इंजीनियर और माता सोशल वर्कर हैं, एमश्रृया का पूरा एजुकेशन कई राज्यों में हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा विंधमगंज के मॉडर्न पब्लिक स्कूल, हायर सेकेंडरी सेंट जोसेफ हाई स्कूल कहलगांव भागलपुरबिहार, इंटरमीडिएट कृष्णा पब्लिक स्कूल रायपुर छत्तीसगढ़, बीडीएस डेंटल कॉलेज गढ़वा झारखंड से बीडीएस ,एवं पुशान विश्वविद्यालय साउथ कोरिया से एमडीएस एवं पीएचडी(बोन कैंसर) किया। डॉ एम श्रृया जायसवाल के परिवार में वैसे तो कई डॉक्टर हैं परंतु पीएचडी होल्डर डॉक्टर होने का गौरव एकमात्र एम श्रृया को मिला है। अपने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने परिवार के लोग एवं मित्रों को देना चाहती है। स्थानीय सन क्लब सोसायटी ने डा एम श्रृया जायसवाल को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए जल्द ही एक समारोह आयोजित कर डॉक्टर एम श्रृया को सम्मानित करने का निर्णय लिया है



