बहनों ने भाई की कलाई पर बांधा रक्षा का डोर

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) राबर्ट्सगंज शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। प्रेम और स्नेह के इस पर्व पर बहनों ने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना किया। भाइयो ने भी बहनों की रक्षा का वचन दिया और उन्हें उपहार देकर उनकी खुशियों में शामिल हुए। सुबह से ही शुभ मुहूर्त होने के कारण जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधा।
रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई भी अपनी बहनों को उनकी सुरक्षा का वचन देते हैं। कहा जाता है कि एक बार भगवान श्री कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से एक असुर को वध किया था उसे समय सुदर्शन चक्र चलाते हुए उनकी अंगुली में चोट लग गई थी उस समय द्रोपदी ने अपनी साड़ी से कपड़ा फाड़ कर भगवान श्री कृष्ण की अंगुली में बांध दिया था। तब श्री कृष्ण ने द्रोपदी को उनकी रक्षा का वचन दिया था।
राबर्ट्सगंज सहित ग्रामीण इलाकों में भी रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ भाई बहनो के अटूट प्रेम का यह पर्व मनाया गया। कई परिवारों में बहनें भाइयों के घर गईं। वहीं कई भाई अपनी बहनों के घर पहुंचे। दोनोंने एक-दूसरे को राखी बांधी और मिठाई खिलाई। इस प्रकार रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का जश्न मनाया गया।



