आतंकी से अकेले लोहा ले चुके दुद्धी कोतवाल नागेश सिंह आइये जाने उनकी कुछ अनसुनी बाते
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सोनभद्र अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार और वर्दी का खौफ आम जनता से मिटाकर निस्वार्थ सेवा से काम करने वाले दुद्धी कोतवाल नागेश सिंह कम समय में जो शोहरत पायी है वो काबिलेतारीफ है। आज नागेश सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।

आतंकी से अकेले लोहा ले चुके नागेश सिंह आइये जाने उनकी कुछ अनसुनी बाते। नागेश सिंह मूल रूप से ग्राम महुआ थाना जहानागंज जिला आजमगढ़ के निवासी हैं। 16 अगस्त 1997 में इन्होंने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पास करते हुये मुरादाबाद से अपनी ट्रेनिंग पूरी किया कांस्टेबल के पद पर बिजनौर एसबीएन जिले में पहली पोस्टिंग हुई।
इस दौरान उन्होंने मुठभेड़ के दौरान एक ऐसे आतंकवादी को अकेले मोर्चा लेते हुए पकड़ा, जिसका नाम सुरेंद्र सिंह ग्रेटर था। इस आतंकी ने अमरोहा में एक दरोगा, दो सिपाही होमगार्ड की गोली मारकर हत्या कर दिया था। नागेश सिंह ने जौनपुर में पोस्टिंग एसबीएन के दौरान ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान हुए गोलीकांड का खुलासा करने में इन्होंने अहम भूमिका निभाया था।
2013 में इन्होंने दरोगा की परीक्षा दिया और बतौर दरोगा पहली पोस्टिंग कौशांबी जिले के सलाहपुर चौकी थाना मे एसआइ के पद पर तैनाती हुआ। उसके बाद मुहूर्तगंज के चौकी इंचार्ज बने। 2015 मे नागेश सिंह इलाहाबाद मे एसओजी और सर्विलांस प्रभारी के रूप में तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने अतीक अहमद गैंग के 10 अपराधियों को सरेंडर कराया। उसके बाद एसबीएन थानाध्यक्ष के पद पर रहते हुए इन्होंने बैंक का लाकर काटकर करीब 8 करोड़ की डकैती का खुलासा किया। साथ ही दुर्गापूजा पंडाल में हुई एक सनसनीखेज हत्या और एक सुनार की दुकान में करीब एक करोड़ की चोरी का भी इन्होंने पर्दाफाश किया।
सोनभद्र में शक्तिनगर थानाध्यक्ष रहने के दौरान इन्होंने अनपरा बैंक लूट का खुलासा किया था। वर्तमान में नागेश सिंह दुद्धी कोतवाल है।
इंसाफ पसन्द व सरल स्वाभाव के नागेश सिंह कहते हैं के दुर्दांत अपराधियों का अंत करना और पीड़ित को न्याय के लिए अपराधियों को न्यायालय तक पहुचाना ही वर्दी पहनने का मुख्य मकसद है।



