भागवत कथा से ही समाज में आ सकती है समरसता,आचार्य श्री शम्भु शरण जी महाराज
गुरमा,सोनभद्र। (ओम प्रकाश गुप्ता )
रार्बटसगंज विकास खण्ड के ग्राम चिरहुली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन प्रयागराज से पधारे पूज्य कथा व्यास आचार्य श्री शम्भु शरण जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं को भागवत माहात्म्य की कथा सुनाते हुए मंत्र मुग्ध कर दिया।महाराज जी ने बताया कि भागवत कथा के माध्यम से समाज को कैसे एकजुटता के सूत्र में पिरोया जा सकता है। आज के समाज की सबसे बड़ी ज़रूरत सामूहिक भोजन की है।जबसे हमारे भोजन की थाली भोजनालय से शयन कक्ष में जाने लगी तभी से सामाजिक और पारिवारिक दूरी आपसी भाईचारा समाप्त होने लगा है।आज पूरा कथा पण्डाल महाराज जी को सुनने के लिए भक्तों और
मातृशक्तिओं से खचाखच भरा हुआ था। कथा व्यास ने क्षेत्र वासियों से आपसी मतभेद को भुलाकर भगवान की पावन कथा के लिए व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर कथा में सम्मिलित होने का आह्वान किया।आज की कथा में विशेष रूप से मुख्य जनार्दन देव पांडेय एवम् शकुंतला देवी के साथ पूर्व ब्लॉक प्रमुख चतरा रमाकान्त देव पांडेय,पूर्व ब्लाक प्रमुख सदर रॉबर्ट्सगंज कमलाकांत देव पांडेय,लालजी देव पांडेय,चन्द्र भूषण पांडेय, शशि भूषण देव पांडेय, संदीप देव पांडेय, राज कुमार मिश्र,सन्तोष सिंह बघनार,राकेश देव पांडेय,लाल मोहन दूबे,रवि शंकर देव पांडेय तथा क्षेत्र के कई गणमान्य भक्तजन उपस्थित रहे।



