कलशयात्रा के साथ शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत

बभनी/सोनभद्र (मु कलाम) बुढ़वा मंदिर बभनी में रविवार को कलशयात्रा के साथ शतचंडी महायज्ञ प्रवचन एवं रासलीला का शुभारंभ हुआ। कलशयात्रा में 501 महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए गाजे बाजे के साथ बभनी सरोवर से जल उठाया। बुढ़वा मंदिर में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ एवं रासलीला का भव्य शुभारंभ हुआ यज्ञाचार्य बृजेश शरण महाराज तथा आचार्यों ने विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना कराया गया। कलश यात्रा में अवधधाम से आए यज्ञाचार्य महाराज ने विधि विधान से पूजा कराया और सिर पर कलश लेकर चल रही महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए मंडप में कलशयात्रा मंडप में कलश स्थापना कराया। पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहा सभी श्रद्धालुओं ने ऊं नमः शिवाय हर-हर महादेव का उदघोष करते हुए मंडप में अपनी हाजीरी लगाए। यज्ञाचार्य ने बताया कि कलश लेने से हमारे पूर्व जन्म के जो संचित दुष्कर्म होते हैं उनका विनाश होता है तथा वरुण कलश सिर पर धारण करने से काम क्रोध आदि का विनाश तथा दैहिक दैविक भौतिक तीनों तापों से रक्षा होती है। इस दौरान कन्हैयालाल गुप्ता प्रेमचंद गुप्ता सुनील गुप्ता बाबूराम गुप्ता संजय जायसवाल विनोद गुप्ता रामनाथ राकेश गणेश अरुण सिंह अनिल सिंह नंद कुमार (नंदू) अखिलेश गुप्ता संतोष गुप्ता चंद्रिका सेठ त्रिभुवन सिंह खरवार संपत सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।



