पड़री गाँव मे वर्षा का कहर,किसानों के खेत बालू बोल्डर से पटा

3.76 लाख रुपए के लागत से कराया गया था एक बंधी का निर्माण
म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत पड़री के चीखला टोला में दो दिन से हो रही बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है किसान पहले वर्षा न होने से परेशान थे अब बारिश इतनी हो रही है कि किसानों के लिए आफत बन गई है किसान दुदील यादव के खेत में मनरेगा योजना के अंतर्गत सरकारी बंधी का निर्माण 3.76लाख की गई थी जो अब पूरी तरह से बह गई है उन्होंने बताया की बांध के नीचे मैं धान,गेहूं तथा सब्जी की खेती कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करता था पानी का बहाव इतना ज्यादा था की मेरे खेत में बालू वाली मिट्टी था बड़े बड़े बोल्डर का अंबार लगा हुआ है ।राजमती ने बताया की प्रधान द्वारा मनरेगा योजना से दो बांध हमारे खेत में बनाया गया था बरसात अत्यधिक होने से बांध टूट गया मेरे खेत को मिट्टी
पत्थर से पाट दिया इस खेत से हम लोग 10 से 15 कुंटल धान पैदा करते थे वह उतना ही गेहूं पैदा करते थे उसके बाद खेत जब खाली होता था तो सब्जी का खेती कर अपना जीवको पार्जन करते थे। कैलाश यादव ने बताया कि दो दिल के खेत के ऊपर मेरा खेत था मेरे खेत के ऊपर एक सरकारी बांध बना था जब ऊपर का बांध टूटा तो नीचे पूरा पत्थर हुआ बालू वाली मिट्टी लेकर मेरे खेतों में आकर पाट दिया की क्यारी में मैं धान का नर्सरी किया था पानी का बहाव इतना ज्यादा था कि मिट्टी युक्त बालू व पत्थर से पूरा क्यारी में लगी नर्सरी का पता ही नहीं चल रहा है कहां गया।
सुरसोतीया देवी ने कहा कि पहले इसकी यारी में हम लोग धन का खेती और गेहूं का खेती करते थे ऐसा पानी का बाढ़ आया कि क्यारी का नामोनिशान मिट गया खेती करने में बहुत दिक्कत हो रही है किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है उनके खेतों में पटी मिट्टी ,बालू ,बोल्डर मनरेगा से हटवा खेती योग्य बनाने में मदद की जाय।


