रामचरित मानस नवाह परायण नव दिवसीय यज्ञ का हुआ शुभारंभ

51 कलशो के साथ निकाली गई कलश यात्रा
पन्नूगंज (सोनभद्र) अरविंद गुप्ता
(जनपद)। के चतरा ब्लाक के ग्राम भवानीगांव (कोरियाव )में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी रामचरितमानस में राम लीला का भव्य आयोजन भवानी गांव के फूलमती देवी के प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है उपेंद्र नाथ मिश्र के अध्यक्षता में , नव दिवसीय रामचरित मानस नवाह परायण महायज्ञ का आयोजन किया गया। कलश यात्रा यज्ञ स्थल के आसपास के क्षेत्रों के धर्म परायणों बढ़-चढ़कर के हिस्सा लिया गया। इस दौरान विधि विधान के साथ मंडप पूजा और यज्ञ देवता की पूजा आह्वान के बाद आचार्य पंडित अमरेश चंद्र मिश्र, महाराज के सानिध्य में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कोरियाव पोखरा से जल लेकर फूलमती महारानी मंदिर कोरिया 51 कलश यात्रा निकाली गई । कलश यात्रा कोरियाव ग्राम पंचायत में भ्रमण के बाद पुनः यज्ञ मंडप में पहुंच जहां आचार्य अमरेश चंद्र मिश्र, जी महाराज के

विद्वानों द्वारा मंडप प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की गई और पवित्र परसों की स्थापना कराई गई। आचार्य अमरेश चंद्र मिश्र महाराज ने कहा कि मानव एवं सृष्टि के कल्याण का सर्वोत्तम साधन है यज्ञ ,जब सारे जप तप निष्फल हो जाते हैं तब यज्ञ ही सब प्रकार से रक्षा करती है ।उन्होंने आगे कहा कि सृष्टि के अधिकार से प्रचलित यज्ञ सबसे पुरानी पूजा पद्धत है हॉट वेदों में अग्नि परमेश्वर के रूप में बंदनी है समस्त भवन का नाभि केंद्र यज्ञ ही है। यज्ञ की किरणों के माध्यम से संपूर्ण वातावरण पवित्र व देवगम बनता है। यज्ञ साक्षात भगवान विष्णु का स्वरूप है। वेदों का संदेश है कि शाश्वत सुख और समृद्धि की कामना

करने वाले मनुष्य यज्ञ को अपना नित्य कर्तव्य अवश्य समझे। यह अलौकिक संपदा के साथ-साथ अत्याधुनिक संपदा की प्राप्ति का द्वार है। सुबह 8:00 बजे से 2:00 बजे तक रामचरित मानस परायण का पाठ, संयम 5:00 बजे से 8:00 बजे तक प्रवचन ,रात्रि 9:00 बजे से 3:00 बजे तक रामलीला का आयोजन किया जाएगा इस मौके पर मौजूद, ग्राम प्रधान कोरियाई दामोदर देव, रवि प्रकाश चौबे, रामविलास शुक्ल, राजकुमार देव पांडेय, हरिशंकर देव पांडेय, दिनेश चंद्र पांडेय ,दयाशंकर देव पांडेय,

कृष्णकांत देव पांडेय, अमरनाथ देव पांडेय, रासबिहारी देव पांडेय, सोनू पांडेय, संदीप तिवारी, लवकुश पांडेय, सत्यप्रकाश देव पांडेय, आनंद पांडेय, समेत भारी संख्या में धर्म और संस्कृति आध्यात्मिक प्रेमी मौजूद रहे।




