सोनभद्र

दुष्कर्म के दोषी विजेंदर विश्वकर्मा को उम्रकैद

सोनभद्र (राजेश पाठक एड) 9 वर्ष पूर्व 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी विजेंदर विश्वकर्मा को उम्रकैद एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि एक लाख रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 16 जनवरी 2014 को राबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में अवगत कराया था की उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी एक जनवरी 2014 को सुबह 10 बजे बाजार के लिए निकली थी तो घर वापस नहीं लौटी। बेटी की हर संभावित जगहों पर तलाश किया, किंतु उसका कहीं पता नहीं चला। 15 जनवरी 2014 को बेटी घर आई तो बताया कि उसे राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मझुई गांव निवासी विजेंदर विश्वकर्मा पुत्र मोहन विश्वकर्मा बहला फुसलाकर भगा ले गया था। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में विजेंदर विश्वकर्मा पुत्र मोहन विश्वकर्मा निवासी मझुई, थाना राबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी विजेंदर विश्वकर्मा को उम्रकैद एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि एक लाख रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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इनसेट में..
पाक्सो एक्ट: दोषी अमरेश को 10 वर्ष की कैद
सोनभद्र। साढ़े आठ वर्ष पूर्व 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी अमरेश कुमार को 10 वर्ष की कैद व 50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 5 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 50 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 18 मई 2014 को म्योरपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 19 अप्रैल 2014 को उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर म्योरपुर थाना क्षेत्र के बाराडाड गांव निवासी अमरेश कुमार पुत्र मनिजर धोबी भगा कर ले गया। बेटी की कई जगह खोजबीन किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इस तहरीर पर पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान 24 मई 2014 को पीड़ित बेटी को बरामद कर लिया और अभियुक्त अमरेश को गिरफतार कर लिया। इसी मामले में अदालत ने सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी अमरेश कुमार को उपरोक्त सजा सुनाई।

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