सोन संगम ने किया होली मिलन समारोह का आयोजन

शक्तिनगर/सोनभद्र साहित्यिक सामाजिक संस्था सोन संगम शक्ति नगर की ,ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया ।इस आयोजन में होली के महत्व को ध्यान में रखते हुए, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे, कृपाशंकर उर्फ माहिर मिर्जापुरी के द्वारा , आज के युग में,होली की आवश्यकता ,तथा उसके महत्व को बताया गया। तदुपरांत उपस्थित लोगों द्वारा फाग गायन के कार्यक्रम का श्रीगणेश हुआ।
मां विंध्याचल महारानी, ज्वालामुखी मैया की स्तुति के बाद ,का ले के शिव के मनाई हो,
शिव मानत नाही।
मैं कैसे खेलूं होली रे, कन्हैया के रंग संग ।होली खेले रघुवीरा अवध में होली खेले रघुवीरा। सदा आनंद रहे यही द्वारे, मोहन खेले होली री। डफ बाजे मुरलिया वाले की , डफ बाजे मुरलिया वाले की । अजबे शहर नौरंगा बनारस, के साथ-साथ, नया भाईल सरसो पुरान भईल तीसी, अखियां भईली लाल ,एक नींद सोए द बलमुआ। बिहाने से कागा उड़ भागा, मोर सैयां अभागा ना जागा। हमार बौरहवा, ए बाहिनी दीदी, के साथ-साथ अन्य फाग लोकगीत की प्रस्तुति से उपस्थित जन झूमने लगे।
होली के गीतो की प्रस्तुति में सर्व श्री विजय शंकर उपाध्याय,रमाकांत पाण्डेय,विजय कुमार दुबे,डा अनिल कुमार दुबे, एन सी एल सिंगरौली से आए,सीनियर मैनेजर, धर्मदेव तिवारी तिवारी, एन सी एल बीना से पधारे वरिष्ठ प्रबंधक, राजनाथ दुबे, डा योगेंद्र मिश्र,श्रवण कुमार, इत्यादि के द्वारा की गई।
कविता के माध्यम से होली की सुंदरता को सर्व श्री माहिर मिर्जापुरी,जयंत से पधारे,अजय केशरी अजेय,बहर बनारसी,युवा कवि पाणी पंकज पांडेय,योगेंद्र मिश्र इत्यादि ने चार चांद लगा दिया।
उपस्थित लोगो का आभार ज्ञापन, डा मानिक चंद पांडेय की ओर से किया गया।इस कार्यक्रम में डा छोटेलाल,मुकेश रेल,अजय कुमार यादव,गौतमी,समिधा,कल्पना मिश्रा,रीता पांडेय के साथ साथ अनेक लोग उपस्थित रहे।



