मुआवजे को लेकर ग्रामीणों ने किया घेराव

ओबरा/सोनभद्र (नीरज भाटिया) ओबरा बिल्ली खनन क्षेत्र में बीते 28 नवम्बर को एक बंद पड़ी खदान में मजदूर का क्षत विक्षत शव मिला था। जिसको पुलिस द्वारा फारेंसिक जांच के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया गया था।वही परिजन मंगलवार को दर्जनों की संख्या में मृतक का शव लेकर खनन क्षेत्र स्थित उक्त क्रशर पर जा पहुंचे, जहा मृतक मजदूरी का काम किया करता था। इस दौरान मौजूद लोगों ने मुआवजे की मांग करते हुए क्रशर मालिक का घेराव कर परिजन को 15 लाख रुपये मुआवज़ा दिये जाने की मांग करने लगे। मौक़े पर मामला बिगड़ता देख इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।सूचना पाकर मौक़े पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक देवीवर शुक्ला ने आक्रोशित परिजन को समझा बुझाकर शांत कराया। बतादें कि ग्राम पंचायत पनारी के परासपानी निवासी हरिगोविंद गोंड खनन क्षेत्र स्थित एक क्रशर पर मजदूरी किया करता था।जिसका क्षत विक्षत शव क्रशर से सटे एक बंद पड़ी खदान में पाया गया था। शव की हालत इतनी बुरी हो चुकी थी कि उसे फ़ोरेंसिक जांच के लिये बीएचयू वाराणसी भेजा गया था। क़रीब आठ दिनों बाद मिले शव को लेकर परिजन भारी संख्या में क्रशर जा धमके और मुआवज़े की माँग करने लगे। इस दौरान आक्रोशित भीड़ देखकर क्रशर मालिक मौके से गायब हो गया।सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने क्रशर मालिक को बुलाया और आक्रोशित परिजन से वार्ता संपन्न कराई।वार्ता के दौरान क्रशर संचालक द्वारा मृतक के परिजन को दाह संस्कार के लिए एक लाख और चार लाख का चेक देने पर सहमति बनी।तब जाकर मामला शांत हुआ।


