बीजपुर में पेयजल के लिए हाहाकार जल संकट से लोगों में आक्रोश
सोनभद्र( विनोद गुप्त )
हैंडपम्प मरम्मत के नाम पर भारी भरकम खर्च फिर भी जल संकट बरकरारम्योरपुर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत बीजपुर में अधिकांश हैंडपंप खराब हो जाने या फिर पानी छोड़ देने के कारण बस्ती सहित बाजार, पुनर्वास, शांतिनगर, रायकलोनी,मोटर गैराज इलाके में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है।गर्मी शुरू होने से पहले ही ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरश रहे हैं। प्यास बुझाने के लिए महिलाएं सहित लोग दूर दूर के कुएं से दूषित पानी लाकर पीने को मजबूर हैं।बताया जाता है कि गाँव मे कुल
लगभग 130 हैंड पम्प स्थापित हैं जिसमे लगभग 40 से 50 में समरसेबुल डाल कर निजी उपयोग में लाया जा रहा है। लगभग 25 हैंड पम्प का जलस्तर खिसक जाने के कारण पहले से ही बन्द पड़े हैं।सूत्रों की माने तो 15 हैंडपम्प लगाते समय से ही बोरड्राई हो गए हैं।ग्रामीण
बताते हैं कि गाँव के बिभिन्न टोले में वर्तमान समय साफ पानी की जगह लगभग 10 से 12 हैंडपम्प लाल पीला कीचड़ युक्त पानी उगल रहे हैं। लगभग बारह हजार की आबादी वाले बीजपुर गाँव मे महज 25 से 30 हैंड पम्प से लोगों का प्यास बुझाना सम्भव नही है।ग्राम प्रधान और सेकेट्री हैंडपंप मरम्मत के नाम पर हर महीने हजारों रुपए खर्च कर जलापूर्ति के प्रयास में लगे हुए है बावजूद एक भी हैंडपंप ठीक से काम नही कर रहे है। टैंकर से
जलापूर्ति और हैंडपंप मरम्मत के नाम पर पानी कम पिलाया जा रहा बल्कि पानी की तरह पैसे जरूर बहाए जा रहे हैं। हालात यह है कि इन्शान के अलावा पशु पक्षी तक जल संकट से जूझ रहे हैं। एनटीपीसी प्रबन्धन ने सीएसआर के तहत विस्थापित गाँव बीजपुर के लिए एक टैंकर उपलब्ध कराए हैं जो दिन में दो चक्कर पानी लाते जरूर हैं लेकिन टैंकर चालक गाँवों में निर्माणाधीन भवन शौचालय आवास और होटलों पर धन उगाही कर पानी ड्रम में भर कर बेच रहे हैं।जलनिगम द्वारा स्थापित वर्षो पूर्व जर्जर बोर और पाइप लाइन जगह जगह ध्वस्त हो चुके हैं गाँव मे पेयजल के लिए त्राहि त्राहि मचा है। बृजकिशोर गुप्ता, बीड़ी यादव, उपेंद्र, लालजी, रामजी, संतलाल,कल्लू सहित अनेक ने जिलाधिकारी से स्वतः संज्ञान लेकर तत्काल स्थित पर नियंत्रण की माँग की है।ग्राम प्रधान दशमती गुप्ता ने बताया कि गर्मी के कारण जलस्तर तेजी से नीचे भाग रहा है हैंडपंपो में 10 से 11 पाइप तक बढ़ाया जा चुका है बावजूद पानी संकट खड़ा है।



