सोनभद्र

तु डाल डाल तो मै पात पात कहावत को चरितार्थ करते खनन माफिया

चोपन/सोनभद्र (गुड्डू मिश्रा) बालू का अवैध खनन परिवहन माफियाओं को इस तरह रास आइ है कि वन विभाग द्वारा बार बार अवैध खनन परिवहन करने में जिस मार्ग का प्रयोग किया जाता है उसको जेसीबी लगवा कर रोड पर गड्ढा या बंद करने के बावजूद भी माफियाओं द्वारा अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है एक तरफ प्रशासन जगह जगह नदी में जाने वाले रास्ते को जेसीबी मशीन द्वारा गड्ढा खोदवाकर रास्ता काट बंद करती है तो फिर वही पर माफियाओ द्वारा गढ्ढा पाट कर और नया रास्ता बनाकर अवैध खनन किया जा रहा है इन माफियाओं के आगे प्रशासन भी पस्त नजर आ रही है माफियाओ द्वारा लोकेशन के लिये जगह जगह व्यक्तियों को बैठा दिया जाता है इनकी लोकेशन के आगे प्रशासन भी पस्त है जैसे ही प्रशासन कोई सूचना पर कहीं से निकलती है तो खनन माफियाओं को तुरंत पता चल जाता है और नदी से निकलकर सुरक्षित जगह में छुप जाते हैं वन विभाग और पुलिस विभाग इनके खिलाफ कोई कार्यवाही करने निकलती तो है लेकिन लुकाछिपी का खेल खेलकर बैरंग वापस ही लौट जाती है और इसकी वजह से राजस्व को रोज लाखों रुपए का चुना प्रशासन लगा रहे है ग्रामीणों की माने तो अवैध खनन माफियाओं और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत की चर्चा जोरो पर है पुलिस वन विभाग के पास रटा रटाया बहाना है कि हमारे यहां नेटवर्क काम नहीं करता है और सूचना भी नहीं मिल पाती है वन विभाग कहता है कि हमारे स्टाफ की कमी है अकेला एक स्टाफ 40 किलोमीटर का एरिया नहीं देख पाता है लेकिन इन सब बहानों के पीछे कोई न कोई तथ्य जरूर छुपा है जिससे आए दिन बालू का अवैध खनन किया जा रहा है और प्रशासन की तरफ से कोई रोक टोक भी नही हो रही है इन खनन माफियाओ के खिलाफ कोई कारवाइ नही किया जा रहा माफियाओ द्वारा ट्रैक्टर ट्राली द्वारा अवैध खनन कर बालू सुरक्षित जोन में डम्प करके रात में ही टिपरों द्वारा बेच दिया जाता है और कुछ जगहों से टिपरों को नदी से ही बालू खनन और परिवहन किया जा रहा है चौरा से कुड़ारी सड़क निर्माण ठेकेदार को भी सोन नदी से अवैध खनन कर बालू बेच दिया जा रहा है कुछ दिन पूर्व पुलिस विभाग द्वारा जे सि बी मशीन द्वारा छितिकपुरव, सेमिया,गुजरी विजौरा लैंपस के सामने और लैंपस गोदाम के आगे मोड़ पर रास्ता ब्लाक कर दिया गया था लेकिन खनन माफियाओं द्वारा गड्ढा पाट दिया गया है और रोजाना दर्जनों टिपरो में अवैध खनन कर बालू बेच दिया जा रहा है अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इन अवैध बालू खनन माफियाओं पर नकेल कसने में कामयाबी हासिल करती है।

Related Articles

Back to top button
BREAKING NEWS