सोनभद्र

संविधान दिवस पर आदिवासियों छात्राओं ने राष्ट्रपति को पत्र भेज मुकम्मल शिक्षा सुनिश्चित कराने का मुद्दा उठाया

सोनभद्र। संविधान दिवस के मौके पर युवा मंच के बैनर तले आदिवासी छात्राओं ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर संवैधानिक प्रावधानों के तहत मुकम्मल शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रेषित पत्र में आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र जनपद में समुचित शिक्षण संस्थानों के अभाव से आदिवासियों व गरीब परिवार की लड़कियों के शिक्षा से वंचित होने के मामले को राष्ट्रपति के संज्ञान में लाते हुए अपील की गई है कि आदिवासी व दलित समुदाय के लिए शिक्षा प्रदान करने के संवैधानिक प्रावधानों के तहत पर्याप्त संख्या में शिक्षण संस्थानों को खोला जाये। पत्र में लिखा गया है कि जनपद में पढ़ाई बीच में ही छोड़ने की दर काफी ज्यादा है खासतौर पर आदिवासी छात्राओं के मामले में बेहद चिंताजनक है। जनपद की सैकड़ों आदिवासी छात्राओं ने युवा मंच जिलाध्यक्ष रूबी सिंह गोंड़ की अगुवाई में हस्ताक्षर युक्त पत्रक को राष्ट्रपति के आफिसियल ट्विटर हैंडल पर प्रेषित किया गया है। प्रेषित पत्र में प्रमुख रूप से जनपद में कम से कम दो महिला महाविद्यालय (आवासीय) खोलने, हर ब्लॉक में न्यूनतम एक आश्रम पद्धति व कस्तूरबा गांधी विद्यालय खोले जाने, छात्राओं के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण कोर्स, नर्सिंग, फार्मेसी कालेज (डिप्लोमा व डिग्री कोर्स) और आदिवासियों समेत गरीब परिवार की इन लड़कियों के रोजगार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस मौके पर युवा मंच जिलाध्यक्ष रूबी सिंह गोंड़ ने आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र की उपेक्षा का आरोप लगाया, कहा कि अब तक बनी सरकारों की उपेक्षा की वजह से ही जनपद में शिक्षा व स्वास्थ्य की न्यूनतम बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। कहा कि आदिवासी व दलित समुदाय की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो संवैधानिक प्रावधान हैं उनकी गारंटी तो नहीं ही की गई बल्कि जनपद में जो परिषदीय विद्यालयों से लेकर राजकीय माध्यमिक विद्यालय व महाविद्यालय संचालित हैं, वह भी दुर्दशा का शिकार हैं। परिषदीय विद्यालयों में 50 फीसद तक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी बड़े पैमाने पर पद रिक्त हैं। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग में स्वीकृत पदों को भरा नहीं गया खासतौर पर महिला विशेषज्ञ डॉक्टर के। हस्ताक्षर करने में प्रमुख रूप से युवा मंच अध्यक्ष रूबी सिंह गोंड़, सुगवंती गोंड़, सुमन पनिका, अंजू आशा गोंड़, सविता गोंड़, पूजा देवी, प्रभा कुमारी, दिपकली, लीलावती देवी, सीमा कुमारी, पूनम कुमारी, सन्तोषी, रेनू कुमारी, हीनकुवंर, राजकुमारी, शकुंतला, बाबी, जुगनू सिंह, आयुषी सिंह, सैलानी शर्मा, पुष्पा कुमारी, बबली, अंजली कुमारी, देवंती कुमारी, सपना, फुलवंती, सुनीता,सोनी कुमारी आदि शामिल रहीं।

Md.shamim Ansari

मु शमीम अंसारी कृषि स्नातकोत्तर (प्रसार शिक्षा/जर्नलिज्म) इलाहाबाद विश्वविद्यालय (उ.प्र.)

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