सोनभद्र

सोन संगम के संयुक्त तत्वाधान में विश्वकवि तुलसीदास की जयंती का किया गया आयोजन

शक्तिनगर/सोनभद्र महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी के संरक्षण एवं एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर के कार्यकारी निदेशक डाक्टर चंद्रशेखर सिंह के निर्देशन में हुआ आयोजन। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की सांस्कृतिक समिति एवं साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था सोन संगम शक्तिनगर के संयुक्त तत्वाधान में विश्वकवि तुलसीदास की जयंती का किया गया आयोजन। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी के संरक्षण एवं एनटीपीसी शक्ति नगर के कार्यकारी निदेशक डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देशन में सांस्कृतिक समिति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ शक्तिनगर एवं सोनू संगम शक्तिनगर के संयुक्त तत्वाधान में विश्वकवि गोस्वामी तुलसीदास की 525 वी जयंती के अवसर पर, काव्य संध्या एवं विचार गोष्ठी के माध्यम से श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि,हास्य व्यंग के प्रमुख हस्ताक्षर अजय चतुर्वेदी, कक्का,विशिष्ट अतिथि,वरिष्ठ कवि माहिर मिर्जापुर रहे।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय कुमार अवस्थी अपर महाप्रबंधक, एन टी पी सी शक्ति नगर ने किया। अतिथियों का स्वागत, सरवन कुमार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एवं विषय की स्थापना पर डा मानिक चंद पांडेय ने विधिवत प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का श्री गणेश, विंध्य नगर से पधारे, डॉ बृजेंद्र शुक्ला तथा रविंद्र मिश्र के द्वारा, वाद्य संगीत पर वाणी बंदना तथा ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैजनिया और तुलसी मगन भयो हरि गुण गाई के ,भजन से हुआ।
संगोष्ठी के क्रम मे डा रागिनी श्रीवास्तव ने तुलसीदास के द्वारा रचित ,उनके दोहे कवित्त, सवैया के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किया। केंद्रीय विद्यालय शक्तिनगर के प्राचार्य ,श्री रविंद्र राम ने तुलसीदास के इतिहास विषयक दृष्टिकोण का सांगोपांग विवेचन किया। जीआईसी शक्तिनगर के प्रधानाचार्य, श्री विनय कुमार श्रीवास्तव ने, तुलसीदास को ग्लोबल कवि के रूप में चित्रित किया ।विवेकानंद शिशु मंदिर शक्ति नगर के प्रधानाचार्य ,श्री गोपाल तिवारी ने तुलसीदास को दुनिया का एकलौता कवि बताया ,जो मानव जीवन की सार्थकता को, अपनी रचनाओं के माध्यम के माध्यम से प्रस्तुत किया है। बद्री प्रसाद केसरवानी ने, तुलसीदास को जीवन एवं मरण तक का साथ देने वाला कवि बताया। डा योगेंद्र मिश्र ने तुलसीदास को ऐसा कवि बताया, जिन के परवर्ती, सारे कवि तुलसी बाबा का अनुसरण करते दिखाई देते है। समकालीन कवि त्रिलोचन स्वयं कहते हैं कि,तुलसी बाबा मैंने हिंदी तुमसे सीखी।
दूसरे सत्र में संगोष्ठी के उपरांत तुलसीदास को,उपस्थित कवियों द्वारा अपनी कविता के माध्यम से प्रस्तुत करने का क्रम शुरू हुआ। एन सी एल खड़िया से आए,वरिष्ठ प्रबंधक, पाणी पंकज पांडेय ने,शीघ्र प्रकाशित होने वाली किताब बाल रामायण से तुलसीदास को कुछ पंक्तियां इस प्रकार समर्पित किया
राम तेरा गुणगान करूं, शब्दो में ऐसा सत्व नहीं।
राम तेरा अपमान बने ,ब्रह्मांड में ऐसा तत्त्व नहीं।।
अपने के कविता के लिए चर्चित रमाकांत पांडे ने अपनी प्रस्तुति कुछ इस प्रकार किया
कहो भरोसा राम का जो काम आएगा।
दिन पर दया दिखाता है जो रात दिन।
जिह्वा पर रखो राम नाम , साथ जाएगा।।
डॉ योगेंद्र मिश्र ने माहौल को परिवर्तित करते हुए अपनी पंक्तियां उपस्थित लोगों के समक्ष इस अंदाज में पेश किया
जरा बड़ी-बड़ी फेको सजन,
चुनाव आने वाला है।
वह बनारसी ने वह बनारसी ने आज की विसंगतियों एवं माहौल को इस प्रकार बताया
सब लुटे हैं शराब खाने में,
कौन अच्छा है इस जमाने में।
मुख्य अतिथि के रूप में अजय चतुर्वेदी ने अपनी कविता को इस अंदाज में बयां किया
शब्द के तीर से घातक न कोई चीज होती है।
जिगर में इसके चुगने की अलग ही पीर होती है।
जितना जो जिसे चाहे उतना वो उसे चाहे।
हर शख्स की ऐसी कहां तकदीर होती है।।
प्रेम एवं सौंदर्य के कवि तथा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि माहिर मिर्जापुरी ने सावन के महीने को कुछ ऐसे अंदाज में लोगों के समक्ष रखा
बरसात का मौसम हो रिमझिम फुहार हो।
संग ऐसे कोई हसीन यार हो।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विनय कुमार अवस्थी ने सरसी छंद में लिखित अपनी कविता जो विशेष रूप से तुलसी के ऊपर केंद्रित थी ,उसका वाचन किया
तुलसी तुलसी सद्रीस मनुज मन कर देते उद्धार।
तत्वज्ञान से रामायण के भवसागर हो पार।
रामचरित मानस लेखक श्री, तुलसी सेवक राम।
सर्व क्षेत्र का ज्ञान ग्रंथ यह , सद जीवन आधार।
अन्य कवियों में डॉ बृजेंद्र शुक्ला, रविंद्र मिश्र विजय कुमार दुबे इत्यादि ने अपने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ योगेंद्र मिश्र ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन विजय कुमार दुबे ने किया। इस कार्यक्रम में सुरेंद्र द्विवेदी प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर ककरी,राम जन्म ,विंध्य नगर, रोडवेज ,रमेश कुमार केदार, डा निशा सिंह, डा अर्पणा त्रिपाठी, डा दिनेश कुमार ,डा रणवीर सिंह, रजनीकांत राम,डा अविनाश दुबे, उदय नारायण पांडे, अभिषेक कुमार,डा मनोज गौतम ,मुकेश कुमार , अकबर, प्रशांत कुमार,रविकांत, आनंद,अंबरीश, रीता ,सौम्या, राजकुमारी ,के साथ-साथ अन्यान्य लोग उपस्थित रहे।

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